01निशानी
कुरआन में अल्लाह मृत से जीवित को और जीवित से मृत को निकालता है। शक करने वाले कहते हैं कि कुरआन लिखने वाले ने गलती की, क्योंकि मृत से जीवित को निकालना नामुमकिन है। आज वैज्ञानिक पुष्टि करते हैं कि मृत जीवों के पदार्थ फिर से जीवित जीवों में लौट आते हैं।
02वैज्ञानिक प्रमाण
"पोषक तत्वों का चक्र पोषक तत्वों का चक्र प्रकृति की दोबारा इस्तेमाल करने की व्यवस्था है। हर तरह के पुनर्चक्रण में ऐसे चक्र होते हैं जो पदार्थों को फिर काम में लाने के लिए ऊर्जा खर्च करते हैं। प्रकृति में यह दोबारा इस्तेमाल काफी हद तक सड़ने की प्रक्रिया से नियंत्रित होता है। पारिस्थितिक तंत्र में भोजन के जाल से जुड़े तरह-तरह के जीव खनिज पोषक तत्वों और पानी जैसे प्राकृतिक पदार्थों को फिर इस्तेमाल में लाते हैं। प्राकृतिक व्यवस्थाओं में यह पुनर्चक्रण पर्यावरण की उन कई सेवाओं में से एक है जो मानव समाजों को बनाए रखती हैं और उनकी भलाई में मदद करती हैं।"
पोषक तत्व घूमकर फिर जीवित जीवों में लौट आते हैं। यह बात हाल में पता चली, लेकिन इसकी खोज से 1400 साल पहले ही कुरआन में इसका वर्णन था।
03क़ुरआन का अंश · कुरआन 6:95
إِنَّ اللَّهَ فَالِقُ الْحَبِّ وَالنَّوَىٰ ۖ يُخْرِجُ الْحَيَّ مِنَ الْمَيِّتِ وَمُخْرِجُ الْمَيِّتِ مِنَ الْحَيِّ ۚ ذَٰلِكُمُ اللَّهُ ۖ فَأَنَّىٰ تُؤْفَكُونَ ٩٥
अल्लाह ही अनाज के दाने और गुठली को चीरता है। वह मृत से जीवित को निकालता है और जीवित से मृत को निकालता है। यही अल्लाह है। फिर तुम कैसे भटक रहे हो?
04चिंतन
बीज जैविक पदार्थ हैं, और अल्लाह मृत से जीवित को तथा जीवित से मृत को निकालता है। आज हम जानते हैं कि यह क्या है; यही पोषक तत्वों का चक्र है।
अतिरिक्त संदर्भ
मूल लेख: Miracles of Quran। विकिपीडिया के उद्धरण का श्रेय विकिपीडिया के योगदानकर्ताओं को है; लाइसेंस CC BY-SA 4.0 है। उस उद्धरण के हमारे अनुवाद भी इसी लाइसेंस में हैं। नीचे के सार अलग से जोड़े गए हैं।
अतिरिक्त संदर्भ
अंग्रेज़ी कुरआन अनुवाद: तलाल इतानी, ClearQuran.com (Allah संस्करण), CC BY-ND 4.0। दूसरी भाषाओं में अरबी का अर्थ स्वतंत्र शब्दों में दिया गया है।
अतिरिक्त प्रमाण — सरल सार
يُخۡرِجُ ٱلۡحَيَّ مِنَ ٱلۡمَيِّتِ وَيُخۡرِجُ ٱلۡمَيِّتَ مِنَ ٱلۡحَيِّ وَيُحۡيِ ٱلۡأَرۡضَ بَعۡدَ مَوۡتِهَاۚ وَكَذَٰلِكَ تُخۡرَجُونَ ١٩
वह मृत से जीवित और जीवित से मृत को निकालता है और धरती को मरने के बाद फिर जीवन देता है। इसी तरह तुम्हें भी निकाला जाएगा।
कुरआन 30:19 में जीवन, मृत्यु और धरती के फिर जीवित होने की बात साथ आती है, और दोबारा उठाए जाने की ओर इशारा है। इससे प्रकृति में जीवन के लौटने पर सोचने का व्यापक कुरआनी संदर्भ मिलता है। इसमें सूक्ष्मजीवों द्वारा पदार्थों को गलाने के चरण नहीं बताए गए हैं।
अतिरिक्त प्रमाण — सरल सार
इब्न कसीर 6:95 की व्याख्या अनाज के दानों और गुठलियों से पौधे निकलने से करते हैं। वे मुर्गी और अंडे का उदाहरण भी देते हैं। ये इस्लामी व्याख्या के उदाहरण हैं। इस आयत को पोषक तत्वों के चक्र से जोड़कर देखना एक आधुनिक चिंतन है, तफ़सीर में दिया गया अकेला अर्थ नहीं।
अतिरिक्त प्रमाण — सरल सार
USDA की Soil Biology Primer बताती है कि मिट्टी के जीव पदार्थों को गलाने और पोषक तत्वों के चक्र को चलाने में मुख्य भूमिका निभाते हैं। बैक्टीरिया, फफूँद और दूसरे जीव पोषक तत्वों को भोजन के जाल में लौटाते हैं और पौधों को बढ़ने में मदद करते हैं। पदार्थ फिर इस्तेमाल होते हैं; इसका मतलब किसी मृत जीव का फिर जी उठना नहीं है। इन स्रोतों से यह साबित नहीं होता कि लोगों को यह पहली बार कब पता चला, जैसा मूल लेख में दावा है।
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