01निशानी
जब पौधों की कोशिकाओं के भीतर का पानी जमता है, तो वह फैलता है। यह फैलाव कोशिका-भित्तियों को फाड़ देता है और कोशिका मर जाती है। इसी कारण कम तापमान में पौधे मर जाते हैं।

02वैज्ञानिक प्रमाण
पाला
गर्म जलवायु में विकसित हुए पौधों को तब नुकसान होता है जब तापमान इतना गिर जाता है कि पौध ऊतक बनाने वाली कोशिकाओं का पानी जम जाए। इस प्रक्रिया से होने वाले ऊतक के नुकसान को ‘पाले की क्षति’ कहा जाता है। जिन क्षेत्रों में पाले की क्षति फ़सलों को प्रभावित करती है, वहाँ किसान अक्सर अपनी फ़सलों को इससे बचाने के लिए पर्याप्त साधनों में निवेश करते हैं।
पौधों पर प्रभाव
क्षति: जमाव वाले तापमान या पाले से कई पौधे क्षतिग्रस्त हो सकते हैं या मर सकते हैं। यह पौधे के प्रकार, खुले ऊतक और तापमान के गिरने की सीमा के अनुसार बदलता है: −2 से 0 ⁰से. (28 से 32 ⁰फ़ा.) का ‘हल्का पाला’, −2 ⁰से. (28 ⁰फ़ा.) से नीचे के ‘कड़े पाले’ की तुलना में कम प्रकार के पौधों को नुकसान पहुँचाएगा।
कम तापमान में पौधे मर जाते हैं। यह हाल में जाना गया, लेकिन इसकी खोज से 1400 वर्ष पहले क़ुरआन में इसका चित्रण किया गया था:
03क़ुरआन का अंश · क़ुरआन 3:117
مَثَلُ مَا يُنْفِقُونَ فِي هَٰذِهِ الْحَيَاةِ الدُّنْيَا كَمَثَلِ رِيحٍ فِيهَا صِرٌّ أَصَابَتْ حَرْثَ قَوْمٍ ظَلَمُوا أَنْفُسَهُمْ فَأَهْلَكَتْهُ ۚ وَمَا ظَلَمَهُمُ اللَّهُ وَلَٰكِنْ أَنْفُسَهُمْ يَظْلِمُونَ ١١٧
इस सांसारिक जीवन में वे जो खर्च करते हैं उसकी मिसाल उस पाले वाली हवा जैसी है, जो उन लोगों की फ़सल पर पड़ती है जिन्होंने अपनी जानों पर ज़ुल्म किया, और उसे नष्ट कर देती है। अल्लाह ने उन पर ज़ुल्म नहीं किया, बल्कि उन्होंने स्वयं अपनी जानों पर ज़ुल्म किया।
04चिंतन
यहाँ पाला पौधों की मृत्यु का कारण बन रहा है। आज हम जानते हैं कि क्यों—जमे हुए पानी का फैलाव कोशिकाओं को फाड़ देता है।
05 · विचार करें