01निशानी
क़ुरआन में बताया गया है कि धरती पर दिन लंबे होते जा रहे हैं। संशयवादियों का दावा है कि जिसने भी क़ुरआन लिखा उसने गलती की; एक दिन हमेशा 24 घंटे का था और रहेगा। आज वैज्ञानिक पुष्टि करते हैं कि दिन लंबे हो रहे हैं।
पृथ्वी का घूर्णन धीमा हो रहा है।

02वैज्ञानिक प्रमाण
पृथ्वी का घूर्णन
सूर्य के सापेक्ष पृथ्वी लगभग 24 घंटे में एक बार घूमती है, लेकिन अन्य दूरस्थ तारों के सापेक्ष हर 23 घंटे, 56 मिनट और 4 सेकंड में एक बार घूमती है। समय के साथ पृथ्वी का घूर्णन थोड़ा धीमा हो रहा है; इसलिए अतीत में दिन छोटा था। ऐसा पृथ्वी के घूर्णन पर चंद्रमा के ज्वारीय प्रभावों के कारण होता है। परमाणु घड़ियाँ दिखाती हैं कि आधुनिक दिन एक शताब्दी पहले की तुलना में लगभग 1.7 मिलीसेकंड लंबा है, जिससे लीप सेकंड द्वारा UTC को समायोजित करने की दर धीरे-धीरे बढ़ रही है। ऐतिहासिक खगोलीय अभिलेखों के विश्लेषण से ईसा पूर्व 8वीं शताब्दी से प्रति शताब्दी लगभग 2.3 मिलीसेकंड की धीमी होने की प्रवृत्ति दिखाई देती है।
पृथ्वी का घूर्णन धीमा हो रहा है, अर्थात अतीत में दिन छोटे थे; लेकिन प्रति शताब्दी कुछ मिलीसेकंड के इस बदलाव का 1400 वर्ष पहले पता लगाना असंभव होता। फिर भी क़ुरआन ने कहा कि दिन लंबे हो रहे हैं:
03क़ुरआन का अंश · क़ुरआन 7:54
إِنَّ رَبَّكُمُ اللَّهُ الَّذِي خَلَقَ السَّمَاوَاتِ وَالْأَرْضَ فِي سِتَّةِ أَيَّامٍ ثُمَّ اسْتَوَىٰ عَلَى الْعَرْشِ يُغْشِي اللَّيْلَ النَّهَارَ يَطْلُبُهُ حَثِيثًا وَالشَّمْسَ وَالْقَمَرَ وَالنُّجُومَ مُسَخَّرَاتٍ بِأَمْرِهِ ۗ أَلَا لَهُ الْخَلْقُ وَالْأَمْرُ ۗ تَبَارَكَ اللَّهُ رَبُّ الْعَالَمِينَ ٥٤
और तुम्हारा पालनहार अल्लाह है, जिसने आकाशों और धरती को छह दिनों में बनाया, फिर अर्श पर स्थापित हुआ। [अल्लाह] रात को दिन से ढक देता है, जो निरंतर उसके पीछे आती है; और सूर्य, चंद्रमा तथा तारे उसके आदेश के अधीन हैं। क्या सृष्टि और आदेश उसी के नहीं हैं? सारे संसारों का पालनहार अल्लाह बरकत वाला है।
04चिंतन
“Yatlubuhu hatheethan يَطْلُبُهُ حَثِيثًا” का अर्थ है उसे लगातार माँगना; दिन का और अधिक भाग तथा रात का और अधिक भाग। यदि ईश्वर दिन और रात का अधिक भाग माँगता है, तो इसका अर्थ है कि दिन लंबे हो रहे हैं।
05 · विचार करें